May 20, 2024

ncert class 9 science chapter गति (Motion) notes and questions and answers in Hindi

ncert class 9 science chapter गति (Motion) notes and questions and answers in Hindi by :- { Gulzar Alam }

  1. यदि किसी वस्तु की स्थिति अन्य वस्तुओं की अपेक्षा समय के साथ नहीं बदलती हो तो. उस वस्तु को विराम में कहा जाता है।
  2. विराम और गति दोनों पद आपेक्षिक हैं।
  3. गति चार प्रकार के होते हैं— (I) रैखिक गति (ii) वित्तीय गति (iii) दोलनी गति (iv) आवर्त गति।
  4.  रैखिक गति में वस्तु सीधी या वक्र रेखा पर चलती है, जैसे बंदूक से छोड़ी गयी गोली, ढालू पर नीचे सरकता हुआ बालक आदि।
  5. वृत्तीय गति में वस्तु वृत्त पर चलती है, जैसे सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति, पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति आदि।
  6. दोलनी गति में वस्तु एक निश्चित बिंदु के आगे-पीछे (या ऊपर-नीचे) चलती है, जैसे झूले की गति, दीवार घड़ी के पेंडुलम की गति आदि।
  7. आवर्त गति में वस्तु अपनी गति को समय के निश्चित अंतरालों पर दुहराती है, जैसे झूले की गति, सिलाई मशीन के सूई की गति आदि।
  8. एक सरल रेखा पर चलते हुये कण की किसी क्षण स्थिति को परिमाण x से बताया जाता है। मात्रक के साथ x का संख्यात्मक मान मूलबिंदु से कण की दूरी बताता है और x काचिह्न (धन या ऋण) यह बताता है कि कण मूलबिंदु से देखने पर धनात्मक दिशा में है। या ऋणात्मक दिशा में।
  9. निश्चित दिशा में किसी वस्तु द्वारा तय की गयी दूरी को उसका विस्थापन कहते हैं।
  10. किसी दिये गये समय अन्तराल में कण द्वारा तय की गयी दूरी का केवल परिमाण होता है, जबकि विस्थापन को परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
  11. यदि कण सरल रेखा पर बिना दिशा-परिवर्तन के चले तो विस्थापन का परिमाण और तय की गयी दूरी, दोनों बराबर होंगे।
  12. जिस राशि को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिये केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, उस राशि को अदिश राशि कहते हैं।
  13. किसी सदिश राशि को निरूपित करने के लिये खींचे गये तार को सदिश कहा जाता है।
  14. किसी वस्तु द्वारा किसी समय अन्तराल में तय की गयी दूरी और इस समय अन्तराल के अनुपात को उस वस्तु की औसत चाल कहते हैं।
  15. किसी वस्तु द्वारा एक छोटे समय अंतराल में तय की गयी दूरी और उस समय अन्तराल के अनुपात को उस वस्तु की चाल कहते हैं।
  16. यदि कोई वस्तु बराबर समय अन्तराल में बराबर दूरी तय करे, चाहे वह समय अन्तराल कितना ही छोटा क्यों न हो, तो कहा जाता है कि वह एक समान चाल से गति कर रही है।
  17. कोई वस्तु समान समय अन्तराल में जब असमान दूरी चलती है तब उसकी चाल असमान चाल कही जाती है।
  18. किसी वस्तु का वेग वह राशि है जो वस्तु की चाल और उसकी गति की दिशा देती है।वेग भी विस्थापन के समान एक सदिश राशि है।
  19. चाल सिर्फ वेग बताती है कि वस्तु कितनी तेज चल रही है और इसमें दिशा का ख्याल नहीं किया जाता है। चाल वेग का सिर्फ परिमाण होती है।
  20. साधारणत: ग्राफ खींचने के लिये जो चरण आवश्यक है, वह इस प्रकार हैं-(a) अक्षों का चुनाव (b) स्केल का चुनाव (c) बिंदुओं को चिन्हित करना (d) बिंदुओं को मिलाना
  21. एक समान चाल से गति कर रही वस्तु की दूरी समय ग्राफ हमेशा एक सरल रेखा होता है। अचर वेग के लिये विस्थापन-समय ग्राफ एक सरल रेखा होती है।
  22. जब बराबर समय अंतराल में, चाहे समय अंतराल कितना ही छोटा क्यों न हो, किसी वस्तु का विस्थापन बराबर होता है, तब उसका वेग एक समान या अचर कहा जाता है।
  23. जब एक कण वृत्तीय पथ पर एकसमान चाल से चलता है तब उसकी गति को एकसमान वृत्तीय गति कहा जाता है।
  24. ऋणात्मक त्वरण को मंदन कहते हैं।
  25. चाल – समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल कण द्वारा तय की गयी दूरी देता है जबकि वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल कण का विस्थापन देता है।
  26. यदि कोई कण एक सरल रेखा में एकसमान त्वरण से गतिमान हो तो उसका वेग-समय ग्राफ एक सरल रेखा होगा।
  27. वृत्ताकार पथ पर गतिमान कण लगातार अपनी दिशा बदलती है और इसलिये उसकी गति त्वरित है।