May 21, 2024

JAC 8th Class Science NCERT Chapter 11 Know The Universe आओ ब्रह्माण्ड को जानें, प्रश्न एवं उत्तर !

JAC 8th Class Science NCERT Chapter 11 Know The Universe आओ ब्रह्माण्ड को जानें, प्रश्न एवं उत्तर !

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1 JAC 8th Class Science NCERT Chapter 11 Know The Universe आओ ब्रह्माण्ड को जानें, प्रश्न एवं उत्तर !

1. सही उत्तर पर का चिह्न लगाइए:-

(1) कीटों को पकड़कर अपना आहार बनाने वाले पौधों का नाम क्या है?

(क) अमरबेल 

(ख) उड़हुल

(ग) घटपर्णी

(घ) गुलाब

(ii) पौधों द्वारा सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किए जाने को क्या कहते है?

(क) श्वसन

(ख) प्रकाश-संश्लेषण

(ग) उत्सर्जन

(घ) इनमें से कोई नहीं

(iii) प्रकाश संश्लेषण में हरे पौधों द्वारा वातावरण से ली जाने वाली गैस का नाम है:-

(क) ऑक्सीजन

(ख) नाइट्रोजन

(ग) कार्बन-डाइऑक्साइड

(घ) इनमें से कोई नहीं

(iv) परजीवी पौधे का एक उदाहरण है:-

(क) फफूँद

(ख) अमरबेल

(ग) लाइकेन

(घ) फलीदार पौध

v) प्रकाश-संश्लेषण में हरे पौधे के किस संरचना से ऑक्सीजन वायुमंडल में मुक्त होता

(क) जड़

(ख) तना

(ग) फूल

(घ) रंध्र

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:-

1) पौधों द्वारा संश्लेषित खाद्य का भंडारण स्टार्च के रूप में किया जाता है।

( (ii) पौधों की पत्तियों में पाए जाने वाले हरे रंग के वर्णक क्लोरोफिल  को कहते हैं।

(iii) प्रकाश-संश्लेषण के उपरान्त ऑक्सीजन गैस विमुक्त होती है।

3. उचित मिलान कीजिए-

स्तंभ ‘अ’स्तंभ ‘ब’
(i) क्लोरोफिल(क) जीवाणु
(ii) नाइट्रोजन स्थिरीकरण(ख) परपोषी
(iii) अमरबेल(ग) ड्रोसेरा
(iv) जन्तु(घ) पत्ती
(v) कीटभक्षी(ड.) परजीवी

उत्तर

स्तंभ ‘अ’स्तंभ ‘ब’
(i) क्लोरोफिल(घ) पत्ती
(ii) नाइट्रोजन स्थिरीकरण(क) जीवाणु
(iii) अमरबेल(ख) परपोषी
(iv) जन्तु(ड.) परजीवी
(v) कीटभक्षी(ग) ड्रोसेरा

4. परजीवी एवं मृतजीवी में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: परजीवी एवं मृतजीवी में अंतर:

परजीवी:

  • जीवित जीवों से भोजन प्राप्त करते हैं।
  • मेजबान जीव को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • उदाहरण: जोंक, प्लाज्मोडियम, जूँ।

मृतजीवी:

  • मृत और क्षयमान जीवों से भोजन प्राप्त करते हैं।
  • परिसंस्था में अपघटक की भूमिका निभाते हैं।
  • उदाहरण: कवक, जीवाणु, मशरूम।

सारणी:

विशेषतापरजीवीमृतजीवी
भोजन का स्रोतजीवित जीवमृत और क्षयमान जीव
मेजबान को नुकसानहाँनहीं
परिसंस्था में भूमिकापोषक तत्वों को अवशोषित करनाअपघटन
उदाहरणजोंक, प्लाज्मोडियम, जूँकवक, जीवाणु, मशरूम

5. आप पत्ती में स्टार्च की उपस्थिति का परीक्षण कैसे करेंगे?

उत्तर: पत्ती में स्टार्च की उपस्थिति की जाँच के लिए, पहले पत्ती को उबलते पानी में 1-2 मिनट तक उबालकर उसे ठंडा होने दें। फिर, उबली हुई पत्ती को टेस्ट ट्यूब में रखें और उस पर कुछ आयोडीन विलयन की बूंदें डालें। यदि पत्ती का रंग नीला होता है, तो यह स्टार्च की मौजूदगी को सूचित करता है; और यदि रंग बदलता नहीं है, तो स्टार्च नहीं है।

6. एक शब्द बताइए

(i) छिद्र जिनके द्वारा पत्तियों में गैसों का अदान-प्रदान होता है।

(ii) नलिका जिनके द्वारा जल एवं खनिज-लवण पत्तियों तक पहुँचाए जाते हैं।

उत्तर:

i) छिद्र जिनके द्वारा पत्तियों में गैसों का अदान-प्रदान होता है, उन्हें रंध्र (Stomata) कहा जाता है।

(ii) नलिका जिनके द्वारा जल एवं खनिज-लवण पत्तियों तक पहुँचाए जाते हैं, उन्हें वाहिका (Xylem) कहा जाता है।

7. निम्नलिखित में सही कथन के आगे ‘सही तथा गलत कथन के आगे ‘गलत’ लिखिए

(i) प्रकाश-संश्लेषण में ऑक्सीजन गैस मुक्त होती है।

(ii) ऐसे पादप, जो अपना भोजन स्वयं संश्लेषित करते हैं, परजीवी कहलाते है।

(iii) प्रकाश-संश्लेषण का उत्पाद प्रोटीन नहीं है।

(iv) प्रकाश-संश्लेषण में सौर उर्जा का रासायनिक उर्जा में रूपांतरण हो जाता है।

(v) कीटभक्षी पौधे, प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं।

उत्तर:

(i) सही (ii) गलत (iii) सही (iv) सही (v) सही

8. प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया को एक समीकरण द्वारा दर्शाएँ।

उत्तर:  प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया को निम्नलिखित समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है:

6CO2 + 6H2O + सूर्य का प्रकाश → C6H12O6 + 6O2

इस समीकरण में:

  • 6CO2 का अर्थ है 6 कार्बन डाइऑक्साइड अणु।
  • 6H2O का अर्थ है 6 पानी के अणु।
  • सूर्य का प्रकाश ऊर्जा का स्रोत है।
  • C6H12O6 का अर्थ है 1 ग्लूकोज (शर्करा) अणु।
  • 6O2 का अर्थ है 6 ऑक्सीजन अणु।

9. प्राकृतिक विधि द्वारा मिट्टी में पोषक तत्व के पुनः पूर्ति का उल्लेख करें।

उत्तर:  प्राकृतिक विधि द्वारा मिट्टी में पोषक तत्व के पुनः पूर्ति का उल्लेख करने के लिए कई तरीके हैं। मिट्टी में पौधों और पौष्टिक फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए प्राकृतिक तरीके अपनाए जा सकते हैं।

  1. कम्पोस्टिंग (खाद्य अपशिष्टों का उपयोग): खाद्य अपशिष्टों, गोबर, और पौधों के कच्चे सारे सामग्री को मिश्रित करके कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है जिससे मिट्टी में पोषक तत्व मिलते हैं।
  2. जैव खेती (हरित कीटनाशकों का उपयोग): हरित कीटनाशकों को मिट्टी में मिश्रित करके पोषक तत्वों को बनाए रखने में मदद की जा सकती है।
  3. गोबर गैस तकनीक (गोबर का उपयोग): गोबर को खाद्य और खेती में उपयोग करके पोषक तत्वों को मिट्टी में बढ़ावा दिया जा सकता है।
  4. जल संवेदनशीलता (जल संरक्षण): जल संरक्षण के तरीकों का अनुसरण करके पौधों को सही मात्रा में पानी पहुंचाने से मिट्टी में पोषक तत्वों का संरक्षण होता है।

10. किसान अपने खेतों में रासायनिक उर्वरक क्यों मिलाते हैं?

किसान अपने खेतों में रासायनिक उर्वरक मिलाते हैं ताकि मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों की मात्रा में सुधार हो सके और उच्च उत्पादकता की संभावना बढ़े। ये उर्वरक पौधों को आवश्यक खनिजों से प्रदान करके उनकी स्वस्थ विकास प्रक्रिया में मदद करते हैं और उन्हें रोगों और कीटाणुओं से बचाते हैं। इसके अलावा, रासायनिक उर्वरक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए जल संचारण में भी सहायक हो सकते हैं और बीजों की उत्पत्ति को भी सुनिश्चित कर सकते हैं। हालांकि, इसका ध्यान रखना आवश्यक है कि ये उर्वरकों का सही मात्रा में और सावधानीपूर्वक उपयोग हो ताकि वातावरण और स्वास्थ्य को कोई नुकसान ना हो।